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सà¥à¤ªà¥‰à¤¨à¥à¤¡à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ डाइट चारà¥à¤Ÿ को करें फॉलो और पाà¤à¤‚ दरà¥à¤¦ से राहत
मौजूदा समय में कई लोग à¤à¤¸à¥‡ हैं जो सà¥à¤ªà¥‰à¤¨à¥à¤¡à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ की बीमारी से बचाव के लिठडाइट चारà¥à¤Ÿ को अपनाकर बीमारी के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को काफी हद तक कम कर रहे हैं। बता दें कि बीमारी से बचाव को लेकर मौजूदा समय में कोई à¤à¥€ डाइट पà¥à¤²à¤¾à¤¨ नहीं है। सà¥à¤ªà¥‰à¤¨à¥à¤¡à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ डाइट चारà¥à¤Ÿ के तहत बीमारी के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को कम करने के लिठवैसी डाइट आती है जिसमें पूरà¥à¤£ रूप से विटामिन, नà¥à¤¯à¥‚टà¥à¤°à¤¿à¤à¤‚टà¥à¤¸ मौजूद होता है, जो हमारे सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के सरà¥à¤µà¤¾à¤‚गीण विकास में अहम रोल अदा करता है। कà¥à¤› खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ à¤à¤¸à¥‡ हैं जिसका सेवन कर हम सूजन को कम कर सकते हैं।
सà¥à¤ªà¥‰à¤¨à¥à¤¡à¤²à¤¾à¤‡à¤¸à¤¿à¤¸ कà¥à¤°à¥‰à¤¨à¤¿à¤• इनà¥à¤«à¥à¤²à¤¾à¤®à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ कंडीशन है और अरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ का à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार है। इस बीमारी के कारण दरà¥à¤¦, सà¥à¤Ÿà¤¿à¤«à¤¨à¥‡à¤¸ और रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ की मोबेलिटी पर असर पड़ता है। वहीं इस बीमारी के कारण अनà¥à¤¯ जà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤‚ट à¤à¥€ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होता है। लेकिन इस बीमारी के कà¥à¤› लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को खानपान में बदलाव कर कम कर सकते हैं।
जैसा कि हम जानते हैं कि सà¥à¤ªà¥‰à¤¨à¥à¤¡à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ की बीमारी से बचाव को लेकर कोई इलाज नहीं है, à¤à¤¸à¥‡ में बीमारी के बारे में जानकर और सही तकनीक को आजमाकर इसके दà¥à¤·à¥à¤ªà¤°à¤¿à¤£à¤¾à¤®à¥‹à¤‚ को काफी हद तक कम किया जा सकता है। तो आइठइस आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ल में हम सà¥à¤ªà¥‰à¤¨à¥à¤¡à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ डाइट चारà¥à¤Ÿ को लेकर जानते हैं कि बीमारी से पीड़ित मरीज को कà¥à¤¯à¤¾ खाना चाहिठऔर कà¥à¤¯à¤¾ नहीं।
सà¥à¤ªà¥‰à¤¨à¥à¤¡à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ डाइट चारà¥à¤Ÿ कà¥à¤¯à¤¾ है
वैसे तो सà¥à¤ªà¥‰à¤¨à¥à¤¡à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤¸à¤¿à¤¸ डाइट चारà¥à¤Ÿ के लिठकोई खास डाइट पà¥à¤²à¤¾à¤¨ नहीं है। लेकिन कà¥à¤› खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का सेवन कर काफी हद तक बीमारी के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ से बचा जा सकता है। वहीं बीमारी में काफी हद तक हमारे शरीर का वजन à¤à¥€ इफेकà¥à¤Ÿ डालता है और सूजन में अहम à¤à¥‚मिका अदा करता है।
सà¥à¤ªà¥‰à¤¨à¥à¤¡à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ के लिठवेट मैनेजमेंट है जरूरी
इस बीमारी से गà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¤ लोगों को उमà¥à¤° और हाइट के हिसाब से वजन को नियंतà¥à¤°à¤£ में बनाठरखना है। अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• वजन के कारण शरीर की हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के साथ जà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤‚ट में तनाव हो सकता है वहीं बीमारी के लकà¥à¤·à¤£ और à¤à¥€ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ गंà¤à¥€à¤° हो सकते हैं। जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ वजन होने की वजह से ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤…रà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ की à¤à¥€ संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ होती है।
हम आपको आपके लिठसबसे अचà¥à¤›à¤¾ डायट बताà¤à¤‚गे!
मà¥à¤«à¥à¤¤ में साइन अप करें जानने के लिठअलग- अलग पà¥à¤°à¤•ार के डायट और उसके लाठऔर हानि के बारे में, नूटà¥à¤°à¤¿à¤¶à¤¨à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ से!
मै टरà¥à¤®à¥à¤¸ और कंडीशनà¥à¤¸ से सहमत हू
डाइट और सूजन में संबंध को जानें
सà¥à¤ªà¥‰à¤¨à¥à¤¡à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ डाइट चारà¥à¤Ÿ के लिठà¤à¤‚टी इनà¥à¤«à¥à¤²à¤¾à¤®à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ डाइट को अपनाकर हम शरीर में सूजन को काफी हद तक कम कर सकते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में मेडिटेरियन डाइट (Mediterranean diet) से संबंधित डाइट का सेवन कर सकते हैं। द अरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ फाउंडेशन सà¥à¤à¤¾à¤µ देता है कि वैसे वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ जो रूमेटाइड अरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ की बीमारी से गà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¤ होते हैं उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¤‚टी इंफà¥à¤²à¥‡à¤®à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ डाइट अपनानी चाहिà¤à¥¤ सà¥à¤ªà¥‰à¤¨à¥à¤¡à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ डाइट चारà¥à¤Ÿ में इसे शामिल करने से राहत मिलता है।
दरà¥à¤¦ से बचाव के लिठजानें योग, वीडियो देख जानें à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ की राय
सà¥à¤ªà¥‰à¤¨à¥à¤¡à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ डाइट चारà¥à¤Ÿ में ओमेगा 3 à¤à¤¸ है काफी कारगर
कà¥à¤› तथà¥à¤¯à¥‹à¤‚ से पता चला है कि ओमेगा 3 सपà¥à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚ट का सेवन कर सà¥à¤ªà¥‰à¤¨à¥à¤¡à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ बीमारी के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को कम किया जा सकता है। वहीं इन खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ में काफी मातà¥à¤°à¤¾ में पोषक ततà¥à¤µ पाठजाते हैं।
वैसे खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ जिनमें ओमेगा-3 फैटी à¤à¤¸à¤¿à¤¡ होता है
फà¥à¤²à¥ˆà¤•à¥à¤¸ सीडà¥à¤¸ (अलसी का बीज)
वॉलनटà¥à¤¸ (अखरोट)
सोयाबीन, कैनोला, फà¥à¤²à¥ˆà¤•à¥à¤¸ सीडà¥à¤¸ ऑयल
सालमन मछली और टूना के जैसे कोलà¥à¤¡ वाटर फिश
चिया सीडà¥à¤¸
वहीं कà¥à¤› खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ में ओमेगा-3 फैटी à¤à¤¸à¤¿à¤¡ काफी कम मातà¥à¤°à¤¾ में पाया जाता है। इनमें पतà¥à¤¤à¤¾ गोà¤à¥€, केल, पालक और हरी सलाद जैसे ततà¥à¤µ आते हैं। इसका सेवन करना à¤à¥€ फायदेमंद होता है।
फलों और सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का करें सेवन
जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ फलों और सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का सेवन कर हम जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मातà¥à¤°à¤¾ में विटामिन और मिनरलà¥à¤¸ का सेवन कर सकते हैं और सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रह सकते हैं। बिना कैलोरी और नà¥à¤¯à¥‚टà¥à¤°à¥€à¤¶à¤¨ के पैक किठहà¥à¤ सà¥à¤¨à¥ˆà¤•à¥à¤¸ की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में फलों और सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का सेवन बेहतर विकलà¥à¤ª होता है।
सà¥à¤ªà¥‰à¤¨à¥à¤¡à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ डाइट चारà¥à¤Ÿ के तहत बीमारी के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को कम करने के लिठआपको रोजाना हरी सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का सेवन करना चाहिà¤à¥¤ वहीं सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के दिनों में वेजिटेबल सूप का सेवन कर गरà¥à¤® रहा जा सकता है।
दरà¥à¤¦ से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ फैकà¥à¤Ÿà¥à¤¸ के बारे में जानने के लिठखेलें कà¥à¤µà¤¿à¤œ : Quiz: दरà¥à¤¦ से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ मिथà¥à¤¸ à¤à¤‚ड फैकà¥à¤Ÿà¥à¤¸ के बीच सिर चकरा जाà¤à¤—ा आपका, खेलें कà¥à¤µà¤¿à¤œ
सà¥à¤ªà¥‰à¤¨à¥à¤¡à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ डाइट चारà¥à¤Ÿ में बताई गई खादà¥à¤¯ सामगà¥à¤°à¥€ और नà¥à¤¯à¥‚टà¥à¤°à¤¿à¤à¤‚टà¥à¤¸
सà¥à¤ªà¥‰à¤¨à¥à¤¡à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ की बीमारी से गà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¤ लोगों को डाइट में बताई गई खादà¥à¤¯ सामगà¥à¤°à¥€ और नà¥à¤¯à¥‚टà¥à¤°à¤¿à¤à¤‚टà¥à¤¸ को शामिल करना चाहिà¤à¥¤ इससे बीमारी के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में कमी आती है। 2018 में किठशोध के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° इसको लेकर बेहद कम ही साकà¥à¤·à¥à¤¯ मौजूद हैं। à¤à¤¸à¥‡ में बेहतर यही है कि सà¥à¤ªà¥‰à¤¨à¥à¤¡à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ की बीमारी से गà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¤ लोग इस पà¥à¤°à¤•ार की डाइट का सेवन करने के साथ पारंपरिक उपचार à¤à¥€ करवाà¤à¤‚ ताकि लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को कम किया जा सके। वहीं डाइट संबंधी बदलाव à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ सहित सेफà¥à¤Ÿà¥€ मेजरà¥à¤¸ को देखकर à¤à¥€ करना चाहिà¤à¥¤
साबà¥à¤¤ अनाज का करें सेवन
सà¥à¤ªà¥‰à¤¨à¥à¤¡à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ डाइट चारà¥à¤Ÿ में कोशिश यही रहनी चाहिठकि लोग बà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤¨ राइस, कॉरà¥à¤¨, बकवीट और ओटमील को शामिल करें। इसमें हाई फाइबर होने के साथ नà¥à¤¯à¥‚टà¥à¤°à¤¿à¤à¤‚टà¥à¤¸ मौजूद होते हैं। 2018 में हà¥à¤ मेटा à¤à¤¨à¤²à¥‡à¤¸à¤¿à¤¸ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° यह हमारे शरीर में सूजन व दरà¥à¤¦ कम करने में मदद पहà¥à¤‚चाते हैं। वहीं कई लोग वैसे अनाज का सेवन करते हैं जिसमें गà¥à¤²à¥‚टेन होता है, जैसे आटा, राइ, जौ को शामिल करते हैं। इससे à¤à¥€ सà¥à¤ªà¥‰à¤¨à¥à¤¡à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ के लकà¥à¤·à¤£ कम होते हैं।
कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® रिच फूड का करें सेवन
सà¥à¤ªà¥‰à¤¨à¥à¤¡à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ डाइट चारà¥à¤Ÿ को अपनाने के लिठलोगों को कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® रिच फूड का सेवन करना चाहिà¤à¥¤ इससे हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में मजबूती हासिल होती है। हमारी हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤‚थ को मजबूत करने के लिठकैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® बहà¥à¤¤ ही जरूरी है। बता दें कि कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® हमें कई खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ से मिलता है, जैसे
हरी पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ जैसे केल और वाटर कà¥à¤°à¤¿à¤¸
हरी गोà¤à¥€
चायनीज कैबेज
लो फैट डेयरी पà¥à¤°à¥‹à¤¡à¤•à¥à¤Ÿ
फोरà¥à¤Ÿà¤¿à¤«à¤¾à¤‡à¤¡ पà¥à¤²à¤¾à¤‚ट मिलà¥à¤•
आलमंड
केन सारà¥à¤¡à¤¿à¤¨à¥‡à¤¸ (हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के साथ)
फोरà¥à¤Ÿà¤¿à¤«à¤¾à¤‡à¤¡ टोफू
फोरà¥à¤Ÿà¤¿à¤«à¤¾à¤‡à¤¡ सीरियलà¥à¤¸
शरीर में न होने दे विटामिन डी की कमी
विटामिन डी हमारे शरीर के लिठबेहद ही जरूरी होता है। यह शरीर में कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® और जरूरी नà¥à¤¯à¥‚टà¥à¤°à¤¿à¤à¤‚टà¥à¤¸ को à¤à¤¬à¥à¤œà¥‰à¤°à¥à¤¬ करने में मदद करता है। सà¥à¤ªà¥‰à¤¨à¥à¤¡à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ डाइट चारà¥à¤Ÿ में इसे शामिल कर हम नà¥à¤¯à¥‚टà¥à¤°à¤¿à¤à¤‚टà¥à¤¸ हासिल करने के साथ मजबूत हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ पा सकते हैं। 2015 में हà¥à¤ शोध के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° वैसे वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ जिनके शरीर में विटामिन डी की अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• मातà¥à¤°à¤¾ होती है उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सà¥à¤ªà¥‰à¤¨à¥à¤¡à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ की बीमारी होने का खतरा à¤à¥€ कम होता है। à¤à¤¸à¥‡ लोगों में इस पà¥à¤°à¤•ार की परेशानी à¤à¥€ कम देखने को मिलती है।
हम सूरà¥à¤¯ की किरणों से विटामिन डी लेने के साथ कà¥à¤› खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ से à¤à¥€ इसे ले सकते हैं, à¤à¤¸à¥‡ में आप चाहें तो सà¥à¤ªà¥‰à¤¨à¥à¤¡à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ डाइट चारà¥à¤Ÿ में इन खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ को शामिल कर सकते हैं। जैसे
फिश और सी फूड
à¤à¤— यॉलà¥à¤•
कॉडलिवर ऑयल
फोरà¥à¤Ÿà¤¿à¤«à¤¾à¤‡à¤¡ पà¥à¤°à¥‹à¤¡à¤•à¥à¤Ÿ जैसे जूस, सीरियलà¥à¤¸, डेयरी, पà¥à¤²à¤¾à¤‚ट बेसà¥à¤¡ मिलà¥à¤• और टोफू
हरà¥à¤¬ और मसाले का à¤à¥€ है अहम योगदान
सà¥à¤ªà¥‰à¤¨à¥à¤¡à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ डाइट चारà¥à¤Ÿ में आप हरà¥à¤¬ और सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¸à¥‡à¤œ को à¤à¥€ शामिल कर सकते हैं। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि कà¥à¤› औषधियों व मसालों में à¤à¤‚टी इमà¥à¤«à¥à¤²à¤¾à¤®à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ गà¥à¤£ होते हैं। जैसे-
लहसà¥à¤¨ : 2009 में हà¥à¤ शोध के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° पता किया गया कि लहसà¥à¤¨ में à¤à¤‚टी इंफà¥à¤²à¥‡à¤®à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ गà¥à¤£ होते हैं।
अदरक : वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ से लोग दरà¥à¤¦ निवारण के लिठअदरक का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करते आ रहे हैं। वहीं हालिया शोध à¤à¥€ इसे सही साबित करते हैं।
हलà¥à¤¦à¥€ : हलà¥à¤¦à¥€ में सबसे अहम ततà¥à¤µ करकà¥à¤¯à¥‚मिन (curcumin) पाया जाता है। यह शरीर में सूजन को कम करने में काफी मददगार साबित होता है।
सà¥à¤ªà¥‰à¤¨à¥à¤¡à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ डाइट चारà¥à¤Ÿ में इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ न करें शामिल
हम लोगों को यह à¤à¥€ खà¥à¤¯à¤¾à¤² रखना चाहिठकि सà¥à¤ªà¥‰à¤¨à¥à¤¡à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ डाइट चारà¥à¤Ÿ में हमें वैसे खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ को शामिल नहीं करना चाहिठजिससे लकà¥à¤·à¤£ और अधिक बढ़ जाà¤à¥¤ सà¥à¤ªà¥‰à¤¨à¥à¤¡à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ डाइट चारà¥à¤Ÿ में इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ न करें शामिल, जैसे
चीनी : 2018 में किठसिसà¥à¤Ÿà¤®à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤• रिवà¥à¤¯à¥‚ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° चीनी का सेवन करने के कारण शरीर में सूजन बढ़ता है। à¤à¤¸à¥‡ में इस सà¥à¤ªà¥‰à¤¨à¥à¤¡à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ की बीमारी से पीड़ित लोगों को खाने में मिठाईयां, कैंडी, पेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€, सोडा व जूस आदि का कम से कम सेवन करना चाहिà¤à¥¤
नमक और हाई सोडियम फूड का न करें सेवन : 2013 में जानवरों पर किठशोध के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ खाने में नमक मिलाकर दिया गया, इससे सूजन वाले सेलà¥à¤¸ बढ़ने से उनमें सà¥à¤ªà¥‰à¤¨à¥à¤¡à¤²à¤¾à¤‡à¤¸à¤¿à¤¸ के लकà¥à¤·à¤£ देखने को मिले थे। इसी तरह लो सोडियम डाइट को अपनाकर सà¥à¤ªà¥‰à¤¨à¥à¤¡à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ के लकà¥à¤·à¤£ को कम नहीं कर सकते, लेकिन नमक का कम सेवन कर हम इसके लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को काफी हद तक रोक सकते हैं।
रेड मीट : रेड मीट में à¤à¤¸à¥‡ ततà¥à¤µ होते हैं जिसकी वजह से सूजन में वृदà¥à¤§à¤¿ होती है। यदि आप कम मातà¥à¤°à¤¾ में रेड मीट का सेवन करें या फिर इसका सेवन करना बंद कर दें तो उससे सà¥à¤ªà¥‰à¤¨à¥à¤¡à¤²à¤¾à¤‡à¤¸ होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ à¤à¥€ कम होगी।
हाई फैट फूड : द अरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ फाउंडेशन सà¥à¤à¤¾à¤µ देता है कि कà¥à¤› पà¥à¤°à¤•ार के फैट का सेवन करने से सूजन की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है, इसमें ओमेगा 6 फैटी à¤à¤¸à¤¿à¤¡ à¤à¥€ शामिल है। à¤à¤¸à¥‡ में वैसे खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ जिनमें सैचà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ फैट होता है उसका सेवन कम करना चाहिà¤, जैसे पिजà¥à¤œà¤¾, रेड मीट, चीज और तमाम डेयरी पà¥à¤°à¥‹à¤¡à¤•à¥à¤Ÿ, पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥‡à¤¸à¥à¤¡ फूड।
इसलिठजरूरी है कि खाने में ओमेगा 6 फैटी à¤à¤¸à¤¿à¤¡ के ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ को शामिल किया जाà¤à¥¤ इसकी छोटी व नियमित खà¥à¤°à¤¾à¤• का सेवन कर बीमारी से बचा जा सकता है। वैसे खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ जिनमें ओमेगा 6 फैटी à¤à¤¸à¤¿à¤¡ होता है उनमें वेजीटेबल ऑयल, कॉरà¥à¤¨, सनफà¥à¤²à¥‰à¤µà¤° और सोय आता है, इसके अलावा मेयोनीज, सैलेड डà¥à¤°à¥‡à¤¸à¤¿à¤‚ग, पेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€, पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥‡à¤¸à¥à¤¡ फूड आते हैं। वहीं सबसे अहम है कि सà¥à¤ªà¥‰à¤¨à¥à¤¡à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ डाइट चारà¥à¤Ÿ में टà¥à¤°à¤¾à¤‚स फैट का सेवन नहीं करना चाहिà¤, जो खाने में मौजूद होता है। कई मैनà¥à¤¯à¥à¤«à¥ˆà¤•à¥à¤šà¤° हैं जो खादà¥à¤¯ सामगà¥à¤°à¥€ में टà¥à¤°à¤¾à¤‚स फैट नहीं डालते हैं। à¤à¤¸à¤¾ à¤à¤«à¤¡à¥€à¤ की गाइडलाइन के बाद हà¥à¤† है।
सà¥à¤Ÿà¤¾à¤°à¥à¤š : सà¥à¤Ÿà¤¾à¤°à¥à¤š में मौजूद गट बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के कारण सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ और जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खराब हो जाती है। वहीं सà¥à¤Ÿà¤¾à¤°à¥à¤š में गट बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ पाठजाते हैं। इसलिठà¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ सà¥à¤à¤¾à¤µ देते हैं कि खाने में कà¥à¤› खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का कम सेवन करना ही उचित होता है। उसमें बà¥à¤°à¥‡à¤¡ और पेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€, चावल, आलू, पासà¥à¤¤à¤¾à¥¤
सà¥à¤ªà¥‰à¤¨à¥à¤¡à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ डाइट चारà¥à¤Ÿ में इन खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का करें सेवन
फà¥à¤°à¥‚टà¥à¤¸
हरी सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚
नटà¥à¤¸ और सीडà¥à¤¸
अंडे
मछली
लीन मीट
लो फैट डेयरी
गेहूं और गà¥à¤²à¥‚टेन : गेहूं, राई और जौ में गà¥à¤²à¥‚टेन नामक ततà¥à¤µ पाया जाता है। कà¥à¤› लोगों में इसका सेवन करने के कारण उनके लकà¥à¤·à¤£ बढ़ सकते हैं। वहीं वैसे लोग जो रूमेटाइड अरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ की बीमारी से गà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¤ होते हैं उनको गà¥à¤²à¥‚टेन फà¥à¤°à¥€ डाइट का सà¥à¤à¤¾à¤µ दिया जाता है। वहीं सà¥à¤ªà¥‰à¤¨à¥à¤¡à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤¸à¤¿à¤¸ की बीमारी में à¤à¥€ लोगों को गà¥à¤²à¥‚टेन फà¥à¤°à¥€ डाइट का सेवन करने की सलाह दी जाती है।
शराब : शराब और रूमेटाइड अरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ कà¥à¤²à¥€à¤¯à¤° नहीं हैं। à¤à¤¸à¥‡ में बेहतर यही होगा कि सà¥à¤ªà¥‰à¤¨à¥à¤¡à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤¸à¤¿à¤¸ की बीमारी से गà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¤ लोग इसका सेवन न ही करें तो बेहतर होगा।
अनà¥à¤¯ खादà¥à¤¯ सामगà¥à¤°à¥€ : वैसे खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ जिनका सेवन करने से सà¥à¤ªà¥‰à¤¨à¥à¤¡à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤¸à¤¿à¤¸ की बीमारी से गà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¤ मरीजों का लकà¥à¤·à¤£ बढ़ता है यह आदमी-आदमी पर निरà¥à¤à¤° करता है। इसलिठआप किसी à¤à¥€ पà¥à¤°à¤•ार की डाइट को शà¥à¤°à¥‚ करने के पहले डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥€ सलाह जरूर ले लें।
कà¥à¤µà¤¿à¤œ खेल जाने बैक पेन के बारे में : Quiz : बैक पेन को सही करेंगे ये टिपà¥à¤¸, कà¥à¤µà¤¿à¤œ में हैं कमर-दरà¥à¤¦ के उपचार
सà¥à¤ªà¥‰à¤¨à¥à¤¡à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ डाइट चारà¥à¤Ÿ के कारण हो सकती है गेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤‡à¤‚टेसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤¨à¤² समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚
सà¥à¤ªà¥‰à¤¨à¥à¤¡à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ की बीमारी की वजह से इनà¥à¤«à¥à¤²à¤¾à¤®à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ बाउल डिजीज (आईबीडी) जैसे कà¥à¤°à¥‰à¤¨ डिजीज और अलà¥à¤¸à¤°à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤µ डिजीज होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ रहती है। à¤à¤¸à¥‡ में खानपान में बदलाव कर इस पà¥à¤°à¤•ार की बीमारियों से बचा जा सकता है। शोध से पता चला है कि मेडिकल थैरेपी के साथ-साथ खाने में कम सà¥à¤Ÿà¤¾à¤°à¥à¤š का सेवन कर बीमारी के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ से बचाव किया जा सकता है।
आईबीडी न हो इसके लिà¤
हाई फैट फूड का सेवन कम करें
शराब का सेवन कम करें या फिर सेवन ही न करें
डेयरी पà¥à¤°à¥‹à¤¡à¤•à¥à¤Ÿ का सेवन कम करें
बीमारी के रिसà¥à¤• व बेनीफिटà¥à¤¸ को देख उठाà¤à¤‚ कदम
बता दें कि कà¥à¤› लोग सà¥à¤ªà¥‰à¤¨à¥à¤¡à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤¸à¤¿à¤¸ डाइट चारà¥à¤Ÿ में सपà¥à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚ट का सेवन करते हैं, इसका परिणाम यह होता है कि कà¥à¤› लोगों में नतीजे अचà¥à¤›à¥‡ देखने को मिलते हैं तो कà¥à¤› लोगों में इसका परिणाम विपरीत देखने को मिलता है। इसलिठजरूरी है कि à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ की सलाह लेकर ही सपà¥à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚ट का सेवन करना चाहिà¤à¥¤
रिसà¥à¤• फैकà¥à¤Ÿà¤° की बात करें तो सà¥à¤ªà¥‰à¤¨à¥à¤¡à¤²à¤¾à¤‡à¤¸à¤¿à¤¸ डाइट चारà¥à¤Ÿ का सेवन कर वैसे लोगों को फायदा अधिक होता है, जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ न तो बीमारी के लकà¥à¤·à¤£ हैं और न ही वो इस बीमारी को लेकर किसी पà¥à¤°à¤•ार की दवाओं का सेवन करते हैं। वहीं डाइट चारà¥à¤Ÿ को अपनाने के दौरान आपको नà¥à¤¯à¥‚टà¥à¤°à¤¿à¤à¤‚टà¥à¤¸ की नियमित खà¥à¤°à¤¾à¤• का ही सेवन करना होता है। इसके लिठबेहतर यही होगा कि आप डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥€ सलाह के साथ डायटिशियन की सलाह ले सकते हैं। यदि आप किसी पà¥à¤°à¤•ार की दवा का सेवन कर रहे हैं और सà¥à¤ªà¥‰à¤¨à¥à¤¡à¤²à¤¾à¤‡à¤¸à¤¿à¤¸ डाइट चारà¥à¤Ÿ को अपना रहे हैं तो रिà¤à¤•à¥à¤¶à¤¨ होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤à¤‚ रहती है इसलिठबेहतर यही होगा कि आप डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥€ सलाह लें।
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